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शशि थरूर ने मोदी की कूटनीति की तारीफ की, भाजपा ने राहुल गांधी पर कसा तंज

G7 शिखर सम्मेलन के दौरान ट्रंप से मुलाकात में भारतीय नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाने पर शशि थरूर ने प्रधानमंत्री मोदी की सराहना की, जिसके बाद भाजपा ने राहुल गांधी को निशाने पर लिया।

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शशि थरूर ने मोदी की कूटनीति की तारीफ की, भाजपा ने राहुल गांधी पर कसा तंज

खबर के मुख्य बिंदु

  • कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने G7 सम्मेलन में ट्रंप के सामने भारतीय नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाने पर प्रधानमंत्री मोदी की सराहना की।
  • थरूर ने कहा कि युद्धकाल में वाणिज्यिक जहाजों पर तैनात नागरिक नाविकों को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए।
  • कांग्रेस ने इससे पहले मोदी पर अमेरिकी हमले में मारे गए तीन भारतीय नाविकों के मुद्दे पर चुप रहने का आरोप लगाया था।
  • भाजपा ने थरूर की टिप्पणी के आधार पर राहुल गांधी पर तंज कसा और कहा कि उम्मीद है कांग्रेस उन्हें इसके लिए “बर्खास्त” नहीं करेगी।
  • प्रधानमंत्री मोदी ने ट्रंप से मुलाकात में खाड़ी क्षेत्र में काम कर रहे भारतीय नाविकों की सुरक्षा को भारत की प्राथमिकता बताया।
  • ट्रंप ने बैठक के दौरान मोदी को “आकर्षक व्यक्ति” और “कुशल वार्ताकार” बताया।
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Quick Summary

G7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात को लेकर भारत की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। जहां कांग्रेस ने मोदी पर ओमान की खाड़ी में अमेरिकी हमले में मारे गए भारतीय नाविकों के मुद्दे पर पर्याप्त सख्ती न दिखाने का आरोप लगाया, वहीं कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने सार्वजनिक रूप से मोदी की कूटनीतिक पहल की तारीफ कर दी। थरूर ने साफ कहा कि प्रधानमंत्री ने ट्रंप के सामने नागरिक नाविकों की सुरक्षा को लेकर भारत की चिंता मजबूती से रखी। इस बयान को भाजपा ने कांग्रेस के भीतर मतभेद और राहुल गांधी के रुख पर सवाल उठाने के लिए तुरंत राजनीतिक हथियार बना लिया। इस घटनाक्रम ने कांग्रेस की आंतरिक लाइन और भाजपा की आक्रामक प्रतिक्रिया—दोनों को एक साथ सुर्खियों में ला दिया है।

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने G7 शिखर सम्मेलन के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुलाकात में भारतीय नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाए जाने की सराहना की है। थरूर के इस बयान ने भारतीय राजनीति में नई बहस छेड़ दी है, क्योंकि कांग्रेस पहले ही इस मुद्दे पर मोदी सरकार की आलोचना कर चुकी थी। थरूर ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने ट्रंप के साथ सार्वजनिक और निजी दोनों स्तरों पर भारत की चिंता स्पष्ट रूप से रखी। उनके मुताबिक, युद्धकाल में वाणिज्यिक जहाजों पर काम कर रहे नागरिक नाविकों को युद्ध का निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए, क्योंकि वे सैनिक नहीं होते।

थरूर ने क्या कहा?
शशि थरूर ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने ट्रंप के सामने यह संदेश स्पष्ट किया कि यदि कोई जहाज किसी नाकाबंदी का उल्लंघन कर रहा हो, तब भी उस पर मौजूद नागरिक नाविकों की जान को खतरे में डालना उचित नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारतीय नाविक बड़ी संख्या में अंतरराष्ट्रीय जहाजों पर काम करते हैं और उनकी सुरक्षा भारत की अहम चिंता है। थरूर ने कहा कि भारत की चिंता केवल सामान्य मानवीय दृष्टिकोण तक सीमित नहीं है, बल्कि इस बात से भी जुड़ी है कि भारतीय ध्वज वाले जहाजों और अन्य व्यापारिक पोतों पर बड़ी संख्या में भारतीय नाविक तैनात रहते हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना भारत की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

कांग्रेस की आलोचना और थरूर का अलग रुख
इससे पहले कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री मोदी की आलोचना करते हुए सवाल उठाया था कि उन्होंने ओमान की खाड़ी में अमेरिकी कार्रवाई के दौरान मारे गए तीन भारतीय नाविकों के मुद्दे पर अमेरिका से सार्वजनिक रूप से माफी या खेद व्यक्त करने की मांग क्यों नहीं की। लेकिन थरूर के बयान ने इस पूरे विवाद को नया मोड़ दे दिया, क्योंकि उन्होंने सार्वजनिक रूप से प्रधानमंत्री मोदी के रुख की तारीफ कर दी। इससे भाजपा को कांग्रेस पर हमला करने का मौका मिल गया।

भाजपा ने राहुल गांधी पर कसा तंज
भाजपा प्रवक्ताओं ने थरूर की टिप्पणी को राहुल गांधी और कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधने के लिए तुरंत इस्तेमाल किया। भाजपा नेताओं ने कहा कि जब कांग्रेस का ही एक वरिष्ठ सांसद प्रधानमंत्री मोदी की कूटनीति की प्रशंसा कर रहा है, तो यह राहुल गांधी की लाइन को कमजोर करता है। भाजपा की ओर से तंज कसते हुए कहा गया कि उम्मीद है, मोदी की तारीफ करने के लिए कांग्रेस नेतृत्व शशि थरूर को बर्खास्त नहीं करेगा। इस टिप्पणी के जरिए भाजपा ने कांग्रेस के अंदरूनी मतभेदों को उभारने की कोशिश की।

G7 सम्मेलन में क्या हुआ था?
फ्रांस में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और डोनाल्ड ट्रंप की 16 महीनों में पहली द्विपक्षीय मुलाकात हुई। इस बैठक में मोदी ने खाड़ी क्षेत्र में काम कर रहे भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई और कहा कि “लाखों भारतीय नाविक के रूप में काम कर रहे हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है।” बैठक के दौरान ट्रंप ने मोदी को “आकर्षक व्यक्ति” और “कुशल वार्ताकार” भी बताया। हालांकि, भारत में इस मुलाकात की प्रतिक्रिया राजनीतिक तौर पर बंटी हुई दिखाई दी—जहां कांग्रेस ने सवाल उठाए, वहीं थरूर के बयान ने मोदी के पक्ष में एक अलग स्वर जोड़ दिया।

राजनीतिक संदेश क्या है?
यह पूरा घटनाक्रम केवल विदेश नीति का मामला नहीं रह गया है, बल्कि घरेलू राजनीति का मुद्दा भी बन गया है। एक ओर कांग्रेस अमेरिकी कार्रवाई और भारतीय नाविकों की मौत को लेकर मोदी सरकार की जवाबदेही तय करना चाहती है, वहीं दूसरी ओर थरूर का बयान यह संकेत देता है कि कांग्रेस के भीतर इस मुद्दे पर एकमत राय नहीं है। भाजपा अब इसे कांग्रेस की आंतरिक असहमति और राहुल गांधी के नेतृत्व पर सवाल उठाने के लिए इस्तेमाल कर रही है। ऐसे में यह मामला आने वाले दिनों में संसद और राजनीतिक बयानबाजी—दोनों में और तेज हो सकता है।

Payal Singh

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