पश्चिम बंगाल की राजनीति और कानून-व्यवस्था से जुड़ा एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता जहांगीर खान की पत्नी सरिना बीबी को फाल्टा पुलिस स्टेशन पर कथित हमले की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का कहना है कि यह हमला उनके पति को पुलिस हिरासत से छुड़ाने के मकसद से किया गया था।
पुलिस का दावा—हमला था पूर्व नियोजित
अधिकारियों के मुताबिक, सरिना बीबी ने अपने समर्थकों को इकट्ठा करने, विरोध प्रदर्शन आयोजित करने और भीड़ को लामबंद करने में केंद्रीय भूमिका निभाई। पुलिस ने इस पूरे घटनाक्रम को “पूर्व नियोजित साजिश” बताया है। जांचकर्ताओं का कहना है कि जहांगीर खान की गिरफ्तारी के बाद बड़ी संख्या में लोग फाल्टा थाने के बाहर जुटे और स्थिति धीरे-धीरे हिंसक हो गई।
जहांगीर खान को छुड़ाने की कोशिश का आरोप
पुलिस के अनुसार, भीड़ का उद्देश्य केवल विरोध प्रदर्शन करना नहीं था, बल्कि जहांगीर खान को हिरासत से छुड़ाने के लिए दबाव बनाना भी था। स्थिति बिगड़ने के बाद कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा। इसी घटना के बाद जांच का दायरा बढ़ाया गया और लगातार गिरफ्तारियां की गईं।
25 से अधिक गिरफ्तारियां
फाल्टा थाने पर हमले के मामले में अब तक 25 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। शुरुआती दौर में गिरफ्तारियों की संख्या कम थी, लेकिन जांच आगे बढ़ने के साथ पुलिस ने कई और संदिग्धों को हिरासत में लिया। अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
सरिना बीबी पर लगे गंभीर आरोप
पुलिस ने बताया कि सरिना बीबी पर शस्त्र अधिनियम (Arms Act) और विस्फोटक अधिनियम (Explosives Act) के तहत भी नए आरोप जोड़े गए हैं। इससे यह संकेत मिलता है कि जांच एजेंसियां इस पूरे मामले को केवल विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि गंभीर आपराधिक षड्यंत्र के रूप में देख रही हैं।
नेपाल सीमा के पास गिरफ्तार हुए थे जहांगीर खान
यह पूरा विवाद उस समय और बढ़ गया जब स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने जहांगीर खान को नेपाल सीमा के पास गिरफ्तार किया। जांचकर्ताओं को संदेह है कि वह गिरफ्तारी से बचने और संभवतः देश छोड़ने की कोशिश कर रहे थे। इसके बाद उनके समर्थकों और राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई थी।
पुष्पा’ बयान से भी बटोरी थी सुर्खियां
जहांगीर खान पहले भी अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहे हैं। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने खुद की तुलना फिल्म ‘पुष्पा’ के किरदार से करते हुए कहा था कि अगर पुलिस अधिकारी “शेर” हैं, तो वह “पुष्पा” हैं और “झुकेगा नहीं”। यह बयान उस समय काफी चर्चित हुआ था और बाद में राजनीतिक बहस का हिस्सा बन गया।
चुनावी हार के बाद बढ़ी मुश्किलें
फाल्टा क्षेत्र से जुड़े विवादों के बाद जहांगीर खान ने आखिरकार उपचुनाव से अपना नाम वापस ले लिया था। बाद में भाजपा ने यह सीट 1,09,021 वोटों के बड़े अंतर से जीत ली। चुनावी हार और कानूनी कार्रवाई के बाद जहांगीर खान सार्वजनिक जीवन से लगभग गायब हो गए थे, जब तक कि नेपाल सीमा के पास उनकी गिरफ्तारी की खबर सामने नहीं आई।







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