ओमान तट के पास वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हमलों के बाद भारत और अमेरिका के बीच कूटनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। भारतीय नाविकों की मौत की खबरों के बाद भारत सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अपना विरोध दर्ज कराया है। विदेश मंत्रालय ने नई दिल्ली में तैनात अमेरिकी राजनयिक जेसन मीक्स को तलब कर भारतीय पक्ष की चिंताओं से अवगत कराया। भारत ने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर चलने वाले नागरिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है।
रिपोर्टों के अनुसार, एक तेल टैंकर पर हुए हमले में तीन भारतीय नाविकों की जान चली गई। इसके बाद अगले ही दिन एक अन्य वाणिज्यिक जहाज पर भी हमला हुआ, जिसमें 20 भारतीय चालक दल के सदस्य सवार थे। हालांकि दूसरे मामले में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली। भारत ने कहा कि समुद्री व्यापार वैश्विक अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी है और ऐसे हमले न केवल मानव जीवन के लिए खतरा हैं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार और आपूर्ति श्रृंखला को भी प्रभावित कर सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह मुद्दा ऐसे समय सामने आया है जब पश्चिम एशिया क्षेत्र में पहले से तनाव बना हुआ है। इसलिए भारत ने नागरिकों की सुरक्षा और समुद्री स्थिरता को प्राथमिकता देते हुए अपना पक्ष मजबूती से रखा है। हालांकि भारत और अमेरिका के बीच रक्षा, व्यापार और रणनीतिक सहयोग के मजबूत संबंध हैं, लेकिन इस घटना ने यह भी दिखाया है कि भारतीय नागरिकों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में नई दिल्ली स्पष्ट और सख्त रुख अपनाने से पीछे नहीं हटती।







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