रोमानिया में एक पांच वर्षीय बच्ची जमी हुई झील में गिर गई और डूबने लगी। मौके पर मौजूद भारतीय श्रमिक विपिन कुमार ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए तुरंत मदद के लिए कदम उठाया।
बिना सोचे-समझे लगा दी जान की बाजी
रिपोर्ट्स के अनुसार, विपिन कुमार ने बेहद ठंडे और खतरनाक पानी की परवाह किए बिना झील में छलांग लगा दी। उन्होंने बच्ची तक पहुंचकर उसे पानी की सतह से ऊपर सुरक्षित रखा ताकि वह सांस ले सके।
30 मिनट तक करते रहे संघर्ष
बचाव दल के आने तक विपिन कुमार करीब 30 मिनट तक बर्फीले पानी में डटे रहे। उनकी सूझबूझ, साहस और शारीरिक क्षमता की बदौलत बच्ची की जान बचाई जा सकी।
पूरे रोमानिया में हुई सराहना
घटना का वीडियो कैमरे में रिकॉर्ड हो गया, जो बाद में सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। स्थानीय लोगों, प्रशासन और आम नागरिकों ने विपिन कुमार की बहादुरी की जमकर प्रशंसा की।
नागरिकता देकर किया सम्मानित
विपिन कुमार के असाधारण साहस को देखते हुए रोमानियाई अधिकारियों ने उन्हें देश की नागरिकता प्रदान करने का निर्णय लिया। यह सम्मान उनके मानवता और वीरता के प्रति समर्पण को मान्यता देता है।
प्रवासी श्रमिकों के योगदान की भी चर्चा
इस घटना ने विदेशों में काम कर रहे प्रवासी श्रमिकों के योगदान को भी उजागर किया है। विपिन कुमार की बहादुरी ने साबित किया कि मानवता की कोई सीमा, भाषा या राष्ट्रीयता नहीं होती।







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