अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को बताया है कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता जल्द हो सकता है। रिपोर्टों के अनुसार, ट्रंप ने बातचीत के दौरान कहा कि अब युद्ध खत्म करने का समय आ गया है और दोनों देशों के बीच समझौते को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
क्या हो सकता है समझौते में?
प्रस्तावित समझौते के तहत:
60 दिनों का युद्धविराम लागू किया जा सकता है।
होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोला जा सकता है।
क्षेत्र में समुद्री व्यापार और तेल आपूर्ति सामान्य होने की उम्मीद है।
तनाव कम करने के लिए दोनों पक्ष कुछ शर्तों पर सहमत हो सकते हैं।
इजरायल की चिंता क्या है?
इजरायल के कुछ नेताओं और अधिकारियों को आशंका है कि ईरान इस समझौते का फायदा उठाकर अपनी अर्थव्यवस्था मजबूत कर सकता है, जबकि परमाणु कार्यक्रम को लेकर पूरी तरह स्पष्टता न हो।
इजरायल के रक्षा मंत्री Israel Katz ने कहा कि देश अपनी सुरक्षा को लेकर सतर्क रहेगा और जरूरत पड़ने पर स्वतंत्र रूप से फैसले लेने का अधिकार रखता है।
अमेरिका की शर्तें
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, समझौते पर हस्ताक्षर होते ही ईरान को तुरंत आर्थिक राहत नहीं मिलेगी। इसके लिए उसे कुछ महत्वपूर्ण शर्तें पूरी करनी होंगी, जिनमें:
परमाणु कार्यक्रम पर कड़े प्रतिबंध स्वीकार करना।
संवेदनशील परमाणु गतिविधियों को सीमित करना।
अंतरराष्ट्रीय निगरानी व्यवस्था का पालन करना शामिल है।
दुनिया पर क्या असर पड़ेगा?
अगर यह समझौता सफल होता है तो:
मध्य पूर्व में तनाव कम हो सकता है।
वैश्विक तेल बाजार को राहत मिल सकती है।
ऊर्जा कीमतों में स्थिरता आने की संभावना बढ़ सकती है।
अंतरराष्ट्रीय व्यापार और समुद्री मार्गों पर दबाव कम हो सकता है।
हालांकि, समझौते की आधिकारिक घोषणा और अंतिम हस्ताक्षर होने तक स्थिति पर सभी देशों की नजर बनी हुई है।







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