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थाली-चम्मच के साथ जंतर-मंतर पर CJP का Protest 2.0, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग तेज

परीक्षा पेपर लीक, छात्र आत्महत्याओं और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की मांग को लेकर CJP ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर दूसरा बड़ा विरोध प्रदर्शन शुरू किया।

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थाली-चम्मच के साथ जंतर-मंतर पर CJP का Protest 2.0, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग तेज

खबर के मुख्य बिंदु

  • CJP ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपना दूसरा बड़ा विरोध प्रदर्शन शुरू किया।
  • प्रदर्शनकारी थाली और चम्मच बजाकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
  • भीड़ ने “प्रधान जाओ, जाओ” के नारे लगाए।
  • CJP संस्थापक अभिजीत दिपके ने प्रदर्शनकारियों से थाली-चम्मच लाने की अपील की थी।
  • आंदोलन का मुद्दा परीक्षा पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही और छात्र आत्महत्या है।
  • दिपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुला पत्र लिखकर छात्रों के संकट पर चिंता जताई।
  • पत्र में हाल के हफ्तों में 11 छात्रों की आत्महत्या का दावा किया गया और पीड़ित परिवारों के लिए 1 करोड़ रुपये मुआवजे की मांग की गई।
  • कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के भी प्रदर्शन में शामिल होने की संभावना जताई गई।
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Quick Summary

नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने अपना दूसरा बड़ा विरोध प्रदर्शन शुरू किया है। इस बार आंदोलन का प्रतीक थाली और चम्मच बने, जिनके जरिए प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ नाराजगी जताई। संगठन का आरोप है कि परीक्षा पेपर लीक, शिक्षा तंत्र की अव्यवस्था और छात्रों की आत्महत्या जैसे गंभीर मुद्दों पर सरकार जवाबदेही तय करने में विफल रही है। CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुला पत्र लिखकर शिक्षा संकट को “देश के भविष्य के लिए खतरा” बताया और मंत्री के इस्तीफे के साथ पीड़ित परिवारों के लिए आर्थिक सहायता की मांग की। यह प्रदर्शन शिक्षा व्यवस्था को लेकर छात्रों और युवाओं के बढ़ते असंतोष का प्रतीक बनता दिख रहा है।

नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने शनिवार को अपना Protest 2.0 शुरू किया, जिसमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को और तेज कर दिया गया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र, युवा और समर्थक शामिल हुए, जो थाली और चम्मच बजाकर अपना विरोध दर्ज कराते नजर आए।

‘प्रधान जाओ, जाओ’ के नारों से गूंजा जंतर-मंतर
प्रदर्शनकारियों ने जंतर-मंतर पर “प्रधान जाओ, जाओ” के नारे लगाए और शिक्षा मंत्रालय के खिलाफ गुस्सा जताया। यह विरोध प्रदर्शन पिछले प्रदर्शन का दूसरा चरण माना जा रहा है, जिसमें कथित तौर पर इस बार और अधिक भीड़ देखने को मिली।

थाली-चम्मच को बनाया विरोध का प्रतीक
प्रदर्शन से पहले CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने समर्थकों से अपील की थी कि वे अपने साथ एक थाली और एक चम्मच लेकर आएं। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कोविड-काल के दौरान बर्तन बजाने की अपील से जोड़ते हुए एक प्रतीकात्मक विरोध बताया। इस रणनीति के जरिए संगठन ने यह संदेश देने की कोशिश की कि शिक्षा संकट पर सरकार को अब “जगाने” की जरूरत है।

पेपर लीक और छात्र आत्महत्याओं पर सरकार से जवाब
CJP का कहना है कि उसका आंदोलन परीक्षा पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था में कथित अव्यवस्था, छात्रों के मानसिक तनाव और छात्र आत्महत्या जैसे मुद्दों पर केंद्रित है। संगठन का आरोप है कि हाल के हफ्तों में कई छात्रों ने परीक्षा विवादों और दबाव के कारण आत्महत्या की है, लेकिन सरकार ने अब तक जिम्मेदारी तय नहीं की।

प्रधानमंत्री को लिखा खुला पत्र
अभिजीत दिपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक खुला पत्र लिखते हुए कहा कि देश के छात्र एक गंभीर संकट से गुजर रहे हैं। उन्होंने पत्र में लिखा कि यह केवल परीक्षा की गड़बड़ियों का मामला नहीं, बल्कि युवाओं के जीवन, मानसिक स्वास्थ्य और भविष्य से जुड़ा संकट है। दिपके ने यह भी मांग की कि हाल के कथित छात्र आत्महत्या मामलों में पीड़ित परिवारों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए और शिक्षा व्यवस्था में जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई हो।

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई
CJP पिछले एक महीने से लगातार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही है। संगठन का आरोप है कि शिक्षा मंत्रालय परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखने में विफल रहा है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मामलों में सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि जवाबदेही और ठोस कार्रवाई की जरूरत है।

सोनम वांगचुक के शामिल होने की उम्मीद
रिपोर्ट्स के मुताबिक, सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के भी इस प्रदर्शन में शामिल होने की उम्मीद जताई गई है। अगर ऐसा होता है तो आंदोलन को और व्यापक राष्ट्रीय समर्थन मिल सकता है।

आंदोलन का संदेश
CJP का यह प्रदर्शन केवल एक मंत्री के इस्तीफे की मांग तक सीमित नहीं दिखता, बल्कि यह देश की शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और छात्र सुरक्षा की मांग के रूप में उभर रहा है। जंतर-मंतर पर थाली-चम्मच की आवाजें इस बात का संकेत हैं कि छात्र समुदाय अब परीक्षा और शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर अधिक मुखर और संगठित हो रहा है।

Payal Singh

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