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वाराणसी दालमंडी चौड़ीकरण परियोजना में तेजी, 49 भवन और 6 मस्जिदों पर कार्रवाई बाकी

दालमंडी चौड़ीकरण परियोजना के तहत अब तक 132 भवन ध्वस्त किए जा चुके हैं। प्रशासन का लक्ष्य 30 जून तक शेष भवनों और प्रभावित धार्मिक स्थलों से जुड़े मामलों का समाधान करना है।

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वाराणसी दालमंडी चौड़ीकरण परियोजना में तेजी, 49 भवन और 6 मस्जिदों पर कार्रवाई बाकी

खबर के मुख्य बिंदु

  • दालमंडी परियोजना के तहत अब तक 132 भवनों पर कार्रवाई हो चुकी है।
  • प्रभावित लोगों को लगभग 56 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया गया है।
  • 49 भवन और 6 मस्जिदों पर अभी कार्रवाई बाकी है।
  • प्रशासन ने 30 जून तक प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य रखा है।
  • जर्जर भवनों से जुड़े मामलों का निस्तारण समिति द्वारा किया जा चुका है।
  • मस्जिद समितियों और प्रशासन के बीच बातचीत जारी है।
  • मस्जिदों के बदले जमीन नहीं, बल्कि क्षतिपूर्ति देने का प्रस्ताव है।
  • क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और सोशल मीडिया निगरानी भी तेज की गई है।
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Quick Summary

वाराणसी की दालमंडी चौड़ीकरण परियोजना अपने अंतिम चरण में पहुंच रही है। प्रशासन के अनुसार अधिकांश भवनों को हटाया जा चुका है और प्रभावित लोगों को मुआवजा भी दिया गया है। अब सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा परियोजना की जद में आने वाली मस्जिदों को लेकर है, जिस पर प्रशासन और संबंधित समितियों के बीच बातचीत जारी है। सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया है।

वाराणसी में चल रही दालमंडी चौड़ीकरण परियोजना के तहत ध्वस्तीकरण अभियान लगातार जारी है। प्रशासन के अनुसार अब तक कुल 132 भवनों को हटाया जा चुका है, जबकि 49 भवन और लगभग आधा दर्जन मस्जिदें अभी भी परियोजना की जद में हैं। लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों के अनुसार जर्जर भवनों से जुड़े मामलों पर न्यायिक प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और संबंधित लोगों के प्रत्यावेदन का निस्तारण भी कर दिया गया है। इसके बाद अब परियोजना को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने की दिशा में कार्रवाई तेज कर दी गई है।

प्रशासन का कहना है कि प्रभावित संपत्ति मालिकों को अब तक करीब 56 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जा चुका है। साथ ही लक्ष्य रखा गया है कि 30 जून तक शेष भवनों को भी खाली कराकर आवश्यक कार्रवाई पूरी कर ली जाए। परियोजना की जद में आने वाली मस्जिदों को लेकर प्रशासन और संबंधित समितियों के बीच लगातार वार्ता जारी है। अधिकारियों के अनुसार मस्जिदों के बदले वैकल्पिक जमीन देने का प्रस्ताव नहीं है, बल्कि निर्माण लागत और अन्य आवश्यक सहायता के रूप में क्षतिपूर्ति उपलब्ध कराई जाएगी।

प्रशासन का कहना है कि प्रभावित धार्मिक स्थलों के पास अपनी भूमि उपलब्ध है और चौड़ीकरण के बाद भी उनके पास पर्याप्त स्थान रहेगा। प्रभावित हिस्सों का दायरा अलग-अलग स्थानों पर भिन्न है। इस बीच कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दालमंडी क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। स्थानीय पुलिस, PAC और अर्धसैनिक बलों की तैनाती के साथ-साथ सोशल मीडिया गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है।

परियोजना की जद में आने वाले प्रमुख धार्मिक स्थलों में Langda Hafiz Masjid, Karimullah Beg Masjid, Sangmarmar Wali Masjid, Nisaran Masjid, Ali Raza Masjid और Rangeele Shah Masjid शामिल हैं।

Payal Singh

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