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हरियाणा के 5 जिले NCR से हो सकते हैं बाहर, 16 जून की बैठक में होगा बड़ा फैसला

करनाल, जींद, महेंद्रगढ़, भिवानी और चरखी दादरी को NCR से बाहर करने के प्रस्ताव पर NCR प्लानिंग बोर्ड की बैठक में चर्चा होगी। हरियाणा सरकार का कहना है कि NCR के नियम इन जिलों के विकास में बाधा बन रहे हैं।

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हरियाणा के 5 जिले NCR से हो सकते हैं बाहर, 16 जून की बैठक में होगा बड़ा फैसला

खबर के मुख्य बिंदु

  • हरियाणा के 14 जिले वर्तमान में NCR का हिस्सा हैं।
  • करनाल, जींद, महेंद्रगढ़, भिवानी और चरखी दादरी को NCR से बाहर करने का प्रस्ताव है।
  • इस प्रस्ताव पर 16 जून को NCR प्लानिंग बोर्ड की बैठक में चर्चा होगी।
  • NCR का गठन दिल्ली पर बढ़ते जनसंख्या और विकास के दबाव को कम करने के लिए किया गया था।
  • हरियाणा सरकार का दावा है कि NCR के कड़े नियम औद्योगिक विकास को प्रभावित कर रहे हैं।
  • NGT और GRAP के नियमों के कारण उद्योगों और व्यापारियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
  • नए प्रस्ताव के अनुसार NCR की सीमा दिल्ली के राजघाट से 100 किलोमीटर के दायरे तक सीमित की जा सकती है।
  • प्रस्ताव लागू होने पर हरियाणा का NCR क्षेत्र लगभग 60 प्रतिशत तक कम हो सकता है।
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Quick Summary

हरियाणा सरकार NCR की सीमा में बदलाव का प्रस्ताव लेकर आई है, जिसके तहत राज्य के पांच जिलों को NCR से बाहर किया जा सकता है। सरकार का तर्क है कि दिल्ली से दूर स्थित जिलों को NCR में शामिल रखने से उन्हें विकास के बजाय आर्थिक और औद्योगिक नुकसान हो रहा है। यदि यह प्रस्ताव मंजूर होता है तो NCR की भौगोलिक सीमा और प्रशासनिक संरचना में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) की सीमा में बदलाव को लेकर हरियाणा सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। राज्य के पांच जिलों—Karnal, Jind, Mahendragarh, Bhiwani और Charkhi Dadri—को NCR से बाहर करने के प्रस्ताव पर 16 जून को होने वाली NCR प्लानिंग बोर्ड की बैठक में चर्चा की जाएगी।

NCR यानी राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का गठन दिल्ली पर बढ़ते जनसंख्या दबाव और शहरीकरण को संतुलित करने के उद्देश्य से किया गया था। वर्ष 1985 में National Capital Region Planning Board का गठन किया गया, ताकि दिल्ली और उसके आसपास के क्षेत्रों का योजनाबद्ध विकास किया जा सके। वर्तमान में NCR में दिल्ली के अलावा हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कुल 24 जिले शामिल हैं। इनमें सबसे अधिक 14 जिले हरियाणा के हैं।

हरियाणा सरकार का मानना है कि दिल्ली से काफी दूर स्थित कुछ जिलों को NCR में शामिल रखने से उन्हें अपेक्षित लाभ नहीं मिल रहा है। इसके विपरीत, NGT और GRAP जैसे पर्यावरणीय नियमों के कारण उद्योगों, व्यापारियों और किसानों को कई तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। सरकार का तर्क है कि जींद, महेंद्रगढ़ और भिवानी जैसे जिलों में औद्योगिक निवेश और विकास की संभावनाएं प्रभावित हो रही हैं। पुराने डीजल और पेट्रोल वाहनों पर प्रतिबंध जैसे नियम स्थानीय व्यापार और परिवहन व्यवस्था पर भी असर डालते हैं।

यह प्रस्ताव पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान केंद्रीय मंत्री Manohar Lal Khattar की पहल से जुड़ा बताया जा रहा है। रीजनल प्लान-2041 के तहत NCR की सीमा को नए सिरे से निर्धारित करने का सुझाव दिया गया है। प्रस्ताव के अनुसार NCR की सीमा दिल्ली के राजघाट से 100 किलोमीटर के दायरे तक सीमित की जा सकती है। यदि इसे मंजूरी मिलती है, तो हरियाणा का NCR क्षेत्र लगभग 25 हजार वर्ग किलोमीटर से घटकर करीब 10.5 हजार वर्ग किलोमीटर रह जाएगा।

अब सभी की नजरें 16 जून को होने वाली बैठक पर टिकी हैं, जहां इस प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय लिया जा सकता है।

Payal Singh

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