अयोध्या स्थित Ram Mandir में दान और चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। इस बीच राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े महंत कमल नयन दास ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए जांच प्रक्रिया और उससे जुड़े लोगों की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं।
महंत कमल नयन दास ने कहा कि यदि जांच करने वालों की ईमानदारी पर ही सवाल खड़े हो रहे हैं, तो निष्पक्ष जांच की उम्मीद करना मुश्किल है। उन्होंने कहा, "सब बेईमान हैं, कौन किसकी जांच करेगा? आखिर में भगवान ही न्याय करेंगे।"
उन्होंने यह भी कहा कि आज कई ऐसे लोग बड़े पदों और सुविधाओं का लाभ उठा रहे हैं जो पहले साधारण जीवन जीते थे। हालांकि उन्होंने किसी व्यक्ति विशेष का नाम लेने से इनकार किया और कहा कि हर व्यक्ति को अपने कर्मों का फल अवश्य मिलता है। इसके साथ ही महंत कमल नयन दास ने स्पष्ट किया कि यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो उसकी जांच जरूर होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जांच प्रक्रिया पारदर्शी, निष्पक्ष और सभी पक्षों के विश्वास के योग्य होनी चाहिए।
विवाद तब और बढ़ गया जब राम मंदिर के पूर्व लेखा प्रभारी Mahipal Singh ने दान राशि के प्रबंधन में कथित गड़बड़ियों के आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि लंबे समय से चढ़ावे की राशि के प्रबंधन में अनियमितताएं हो रही थीं और नोटों की ट्रॉलियों में हेराफेरी के जरिए धनराशि का नुकसान हुआ। महिपाल सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि शिकायत दर्ज कराने के बाद उन्हें उनके पद से हटा दिया गया। हालांकि इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया और जांच के निष्कर्ष अभी सामने नहीं आए हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए यह भी चर्चा है कि Rashtriya Swayamsevak Sangh ने इस संबंध में रिपोर्ट तलब की है। फिलहाल सभी की नजरें संभावित जांच और उससे सामने आने वाले तथ्यों पर टिकी हैं।




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