पंजाब के मलेरकोटला जिले के गांव हिम्मताना स्थित श्री चंद्र दरबार बड़ा डेरा उदासीन आश्रम में एक अनोखी और कठिन साधना का समापन हुआ। आश्रम के प्रमुख बाबा स्वामी रैंक मुनी जी ने भीषण गर्मी के बीच 41 दिनों तक ‘पंच धूणी साधना’ कर श्रद्धालुओं को आश्चर्यचकित कर दिया।
जानकारी के अनुसार, जब क्षेत्र में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से अधिक था, तब बाबा स्वामी रैंक मुनी जी अपने चारों ओर जलती हुई धूनियों के बीच बैठकर लगातार भगवान के जप और तप में लीन रहे। इस दौरान उन्होंने तपस्या को समाज के कल्याण, विश्व शांति और मानवता की भलाई के लिए समर्पित बताया। साधना पूरी होने के बाद आश्रम में एक विशाल धार्मिक समागम का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में संत-महात्माओं और श्रद्धालुओं ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान गुरबाणी, कीर्तन और आध्यात्मिक प्रवचनों के माध्यम से लोगों को धर्म और संस्कृति से जुड़ने का संदेश दिया गया।
बाबा स्वामी रैंक मुनी जी ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज की पीढ़ी को नशे जैसी बुराइयों से दूर रहकर अध्यात्म, सेवा और सकारात्मक जीवन मूल्यों को अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज को सही दिशा देना संतों और धार्मिक संस्थाओं का दायित्व है।
समागम के दौरान पर्यावरण संरक्षण पर भी विशेष जोर दिया गया। आश्रम की ओर से श्रद्धालुओं में लगभग 500 पौधे वितरित किए गए और सभी को इन पौधों की देखभाल करने तथा हरित वातावरण बनाने का संकल्प दिलाया गया।
41 दिनों तक चली यह कठोर तपस्या पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। श्रद्धालु इसे आस्था, अनुशासन और अदम्य इच्छाशक्ति का प्रतीक मान रहे हैं।







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