‘लव एंड वॉर’ के सेट पर मजदूर की मौत: भंसाली से 50 लाख मुआवजा और पत्नी को नौकरी देने की मांग तेज
मुंबई के फिल्म सिटी स्थित ‘लव एंड वॉर’ के सेट पर 42 वर्षीय बढ़ई चंद्रधारी सिंह यादव की मौत के बाद फिल्म कर्मचारी संगठन FWICE ने मुआवजा बढ़ाकर 50 लाख रुपये करने और उनकी पत्नी को नौकरी देने की मांग की है।
By Payal SinghPublished 22 Jun 2026, 02:32 PMUpdated 21 Jul 2026, 12:56 AM3 min read8 views
‘लव एंड वॉर’ के सेट पर 42 वर्षीय बढ़ई चंद्रधारी सिंह यादव की मौत हो गई।
हादसा मुंबई के फिल्म सिटी, रॉयल पाम स्टूडियो में देर रात शूटिंग के दौरान हुआ।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मौत बिजली के झटके / शॉर्ट सर्किट से हुई।
भंसाली प्रोडक्शंस ने परिवार को 40 लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा की।
FWICE ने मुआवजा बढ़ाकर 50 लाख रुपये करने और मृतक की पत्नी को नौकरी देने की मांग की।
यूनियन ने सेट पर सुरक्षा व्यवस्था और लंबी शिफ्टों पर भी सवाल उठाए हैं।
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Quick Summary
यह मामला सिर्फ एक फिल्म सेट पर हुए हादसे तक सीमित नहीं है, बल्कि यह फिल्म उद्योग में तकनीशियनों और श्रमिकों की सुरक्षा, कार्य-घंटों और सामाजिक सुरक्षा जैसे बड़े सवाल उठाता है। चंद्रधारी सिंह यादव की मौत के बाद मुआवजे की राशि पर चर्चा जितनी जरूरी है, उससे भी ज्यादा जरूरी यह समझना है कि क्या सेट पर काम करने वाले तकनीशियनों के लिए पर्याप्त सुरक्षा मानक मौजूद हैं। FWICE की मांग 50 लाख रुपये का मुआवजा और पत्नी को नौकरी सिर्फ आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि परिवार के दीर्घकालिक भविष्य की चिंता को सामने लाती है। साथ ही, लंबे और थकाऊ शिफ्टों को लेकर उठे सवाल बताते हैं कि फिल्म इंडस्ट्री में श्रम-सुरक्षा पर गंभीर पुनर्विचार की जरूरत है।
संजय लीला भंसाली की बहुचर्चित फिल्म ‘लव एंड वॉर’ के सेट से एक दुखद खबर सामने आई है। मुंबई के फिल्म सिटी स्थित स्टूडियो में शूटिंग के दौरान एक 42 वर्षीय बढ़ई, चंद्रधारी सिंह यादव, की मौत हो गई। इस हादसे के बाद फिल्म इंडस्ट्री के कर्मचारी संगठनों ने मुआवजे, नौकरी और सेट पर सुरक्षा मानकों को लेकर आवाज उठाई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह घटना 17 जून की तड़के मुंबई के रॉयल पाम स्टूडियो में हुई, जहां फिल्म की शूटिंग चल रही थी। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, चंद्रधारी सिंह यादव को बिजली का तेज झटका लगा, जिसके बाद उनकी मौत हो गई। प्राथमिक जांच में शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई गई है।
प्रोडक्शन हाउस ने 40 लाख रुपये की मदद का ऐलान किया
हादसे के बाद भंसाली प्रोडक्शंस ने मृतक के परिवार के लिए 40 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। चंद्रधारी सिंह यादव अपने पीछे पत्नी और दो छोटी बेटियों को छोड़ गए हैं। प्रोडक्शन हाउस की इस घोषणा को शुरुआती राहत के तौर पर देखा जा रहा है, लेकिन फिल्म कर्मचारियों के संगठन का कहना है कि परिवार की स्थिति को देखते हुए यह राशि और बढ़ाई जानी चाहिए।
FWICE ने 50 लाख और पत्नी को नौकरी देने की मांग की
फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) ने प्रोडक्शन हाउस से मुआवजा बढ़ाकर 50 लाख रुपये करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि चंद्रधारी सिंह यादव की बेटियां अभी बहुत छोटी हैं और परिवार को उनकी शिक्षा व भविष्य के लिए अधिक मजबूत आर्थिक सहारे की जरूरत होगी। FWICE के अध्यक्ष बीएन तिवारी ने कहा कि सिर्फ तत्काल राहत पर्याप्त नहीं है, बल्कि परिवार के दीर्घकालिक भरण-पोषण का भी ध्यान रखा जाना चाहिए। इसी वजह से संगठन ने मृतक की पत्नी को प्रोडक्शन हाउस या इंडस्ट्री से जुड़ी किसी इकाई में नौकरी देने की भी मांग की है, ताकि परिवार के पास आय का एक स्थायी स्रोत रहे।
लंबी शिफ्टों और सेट सेफ्टी पर उठे सवाल
इस हादसे के बाद सिर्फ मुआवजे का मुद्दा नहीं उठा, बल्कि फिल्म सेट पर काम करने की परिस्थितियां भी चर्चा में आ गई हैं। यूनियन के पदाधिकारियों का दावा है कि चंद्रधारी सिंह यादव लगातार लंबी और थकाऊ शिफ्टों में काम कर रहे थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वे कई दिनों तक सुबह 7 बजे से अगले दिन तड़के 3 बजे तक काम कर रहे थे। FWICE का कहना है कि ऐसी लंबी ड्यूटी न सिर्फ कर्मचारियों को शारीरिक रूप से थका देती है, बल्कि दुर्घटनाओं का जोखिम भी बढ़ा देती है।
यूनियन ने मांग की है कि:
फिल्म सेट पर सख्त सुरक्षा ऑडिट हो,
बिजली और तकनीकी उपकरणों की नियमित जांच हो,
कर्मचारियों के काम के घंटे सीमित किए जाएं,
और हादसों की स्थिति में स्पष्ट मुआवजा व बीमा नीति लागू हो।
इंडस्ट्री में श्रमिक सुरक्षा का बड़ा सवाल
फिल्म इंडस्ट्री में बड़े सितारों, बड़े सेट और बड़े बजट की चर्चा तो अक्सर होती है, लेकिन कैमरे के पीछे काम करने वाले तकनीशियनों, बढ़इयों, लाइटमैन, सेट वर्कर्स और स्पॉट स्टाफ की सुरक्षा पर अपेक्षाकृत कम ध्यान जाता है। ‘लव एंड वॉर’ के सेट पर हुई यह मौत एक बार फिर याद दिलाती है कि मनोरंजन उद्योग के चमकदार चेहरे के पीछे काम करने वाले हजारों श्रमिकों के लिए वर्कप्लेस सेफ्टी और मानवीय कार्य परिस्थितियां कितनी जरूरी हैं।
अब निगाहें इस बात पर हैं कि
प्रोडक्शन हाउस FWICE की 50 लाख मुआवजे की मांग पर क्या रुख अपनाता है,
मृतक की पत्नी को नौकरी देने पर क्या फैसला होता है,
और सबसे अहम, क्या इस हादसे के बाद फिल्म सेटों पर सुरक्षा नियमों को वास्तव में सख्त किया जाएगा।
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