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ज्यादा PR, कम कॉमेडी’: आलिया भट्ट के साथ ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ की वापसी पर बंटी दर्शकों की राय

समय रैना के शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ के दूसरे सीज़न के प्रीमियर एपिसोड को सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली; कई दर्शकों ने इसे “ओवर-पॉलिश्ड” और “कमेडी से ज्यादा प्रमोशनल” बताया।

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ज्यादा PR, कम कॉमेडी’: आलिया भट्ट के साथ ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ की वापसी पर बंटी दर्शकों की राय

खबर के मुख्य बिंदु

  • इंडियाज गॉट लेटेंट’ सीज़न 2 का प्रीमियर शनिवार को हुआ।
  • पहले एपिसोड में आलिया भट्ट और शरवरी वाघ गेस्ट पैनलिस्ट के तौर पर शामिल हुईं।
  • दोनों कलाकार अपनी आगामी फिल्म ‘अल्फा’ के प्रमोशन के लिए शो में पहुंचीं।
  • सोशल मीडिया पर एपिसोड को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।
  • कई दर्शकों ने शो को “पहले से ज्यादा पॉलिश्ड, कम रॉ” बताया।
  • आलोचकों ने कहा कि नया एपिसोड कॉमेडी से ज्यादा PR और प्रमोशन जैसा लगा।
  • कुछ दर्शकों ने समय रैना के कटाक्ष और ऑन-स्टेज कम्फर्ट की तारीफ भी की।
  • आलिया भट्ट को लेकर किए गए कुछ व्यंग्यात्मक मजाक सोशल मीडिया पर वायरल हुए।
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Quick Summary

समय रैना का ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ अपने पहले सीज़न में जिस रॉ, अनफिल्टर्ड और अंडरग्राउंड कॉमिक टोन के लिए पसंद किया गया था, दूसरे सीज़न का पहला एपिसोड उसी वजह से सवालों के घेरे में आ गया है। दर्शकों का एक बड़ा वर्ग मानता है कि इस बार शो पहले की तुलना में ज्यादा सुरक्षित, अधिक परिष्कृत और कॉर्पोरेट-फ्रेंडली दिखाई दिया। आलिया भट्ट और शरवरी वाघ जैसे बड़े नामों की मौजूदगी ने एपिसोड को स्टार-पावर्ड तो बनाया, लेकिन कई दर्शकों को लगा कि इससे शो की मौलिक बेबाकी कमजोर पड़ गई। वहीं, समय रैना के कुछ चुभते वन-लाइनर और पॉप-कल्चर तंज अभी भी शो की पहचान बने हुए हैं, जिसने समर्थकों को यह कहने का मौका दिया कि फॉर्मेट बदला हो सकता है, लेकिन समय का कॉमिक एज अब भी मौजूद है।

कॉमेडियन समय रैना ने शनिवार को अपने बहुप्रतीक्षित कॉमेडी रियलिटी शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ के दूसरे सीज़न का प्रीमियर किया। वापसी एपिसोड में बॉलीवुड अभिनेत्री आलिया भट्ट और शरवरी वाघ गेस्ट पैनलिस्ट के रूप में नजर आईं, जो अपनी आगामी एक्शन फिल्म ‘अल्फा’ के प्रमोशन के लिए शो में पहुंची थीं। हालांकि, इस हाई-प्रोफाइल वापसी को लेकर पहले से बने उत्साह के बावजूद, एपिसोड के प्रसारण के बाद सोशल मीडिया पर दर्शकों की राय बंटी हुई नजर आई। कई दर्शकों ने शो की नई प्रस्तुति शैली की आलोचना की, जबकि कुछ लोगों ने समय रैना के अंदाज़ और शो के फॉर्मेट की वापसी का स्वागत भी किया।

‘पहले जैसा रॉ नहीं रहा शो’
सोशल मीडिया पर आलोचना का सबसे बड़ा बिंदु यह रहा कि शो अब पहले जैसा बेबाक, अनगढ़ और अंडरग्राउंड नहीं दिखा। कई दर्शकों ने कहा कि सीज़न 1 की सबसे बड़ी ताकत उसकी “रॉ एनर्जी” और “अनफिल्टर्ड ह्यूमर” थी, लेकिन नए एपिसोड में वही धार कमजोर दिखी। कुछ यूज़र्स ने लिखा कि नया एपिसोड कॉमेडी शो कम और प्रमोशनल कंटेंट ज्यादा लग रहा था। दर्शकों को लगा कि स्टार गेस्ट्स, हाई-एंड कैमरा सेटअप, ज्यादा प्रोडक्शन वैल्यू और प्रायोजकों की मौजूदगी ने शो की मूल पहचान को पीछे धकेल दिया।

‘More PR than comedy’ वाला नैरेटिव
दर्शकों के एक हिस्से ने एपिसोड को सीधे तौर पर “More PR than comedy” कहकर निशाना बनाया। उनका कहना था कि एपिसोड में फिल्म प्रमोशन का रंग ज्यादा दिखा और कॉमेडी का स्पेस सीमित हो गया। कुछ प्रतिक्रियाओं में यह भी कहा गया कि शो का टोन इस बार ज्यादा सुरक्षित (safe) और सावधानी से नियंत्रित लगा, जबकि ‘लेटेंट’ का मूल आकर्षण उसकी अप्रत्याशित, कभी-कभी असहज लेकिन ईमानदार कॉमिक ऊर्जा थी।

समय रैना के कटाक्ष फिर भी चर्चा में
आलोचनाओं के बीच, समय रैना के कुछ व्यंग्यात्मक और तीखे वन-लाइनर सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बने। शो के दौरान उन्होंने आलिया भट्ट की हालिया फिल्मों और सार्वजनिक उपस्थितियों को लेकर कुछ हल्के-फुल्के कटाक्ष किए, जिन्हें दर्शकों ने तेजी से शेयर किया। कई यूज़र्स ने कहा कि भले ही एपिसोड का समग्र टोन बदल गया हो, लेकिन समय रैना की स्टेज प्रेजेंस, टाइमिंग और तुरंत तंज कसने की क्षमता अब भी शो की सबसे बड़ी ताकत बनी हुई है।

आलिया भट्ट की मौजूदगी पर भी बंटी राय
एपिसोड में आलिया भट्ट की मौजूदगी को लेकर भी सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ दर्शकों ने उनकी सहजता और शांत प्रतिक्रिया की तारीफ की, खासकर तब जब समय रैना ने उनके सामने कुछ तीखे मजाक किए। वहीं, कुछ आलोचकों का मानना था कि एक बड़े बॉलीवुड प्रमोशनल एपिसोड ने शो की मौलिक इंटरनेट-कल्चर वाली पहचान को थोड़ा कमजोर कर दिया। उनके अनुसार, यह वही मंच नहीं लगा जहां पहले “कुछ भी हो सकता था” वाला एहसास रहता था।

स्ट्रीमिंग, स्पॉन्सरशिप और बदला हुआ टोन
दर्शकों की आलोचना का एक अहम हिस्सा शो के प्रोडक्शन और प्रस्तुति से भी जुड़ा था। कुछ लोगों ने कहा कि नए सीज़न में शो पर स्ट्रीमिंग पार्टनरशिप, कॉर्पोरेट ब्रांडिंग और पॉलिश्ड विजुअल पैकेजिंग का असर साफ दिखा। उनके मुताबिक, यह बदलाव व्यावसायिक तौर पर समझ में आने वाला हो सकता है, लेकिन इससे शो का वह अराजक, स्वतंत्र और प्रयोगधर्मी स्वरूप कमज़ोर हुआ है, जो पहले इसे अलग बनाता था।

फिर भी चर्चा में है वापसी
मिली-जुली प्रतिक्रियाओं के बावजूद, यह साफ है कि ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ की वापसी ने डिजिटल एंटरटेनमेंट स्पेस में मजबूत चर्चा पैदा की है। एक ओर दर्शकों का एक वर्ग पुराने “अनफिल्टर्ड लेटेंट” को मिस कर रहा है, तो दूसरी ओर कई लोग यह देखने के लिए उत्सुक हैं कि क्या आने वाले एपिसोड्स में शो अपनी पुरानी धार और नई प्रस्तुति दोनों के बीच संतुलन बना पाएगा। समय रैना के लिए यह वापसी सिर्फ एक नए सीज़न की शुरुआत नहीं, बल्कि यह भी परीक्षा है कि क्या वह अपने शो की मूल पहचान को बनाए रखते हुए उसे बड़े दर्शक वर्ग और बड़े प्रोडक्शन इकोसिस्टम के भीतर भी उतना ही प्रभावशाली रख पाएंगे।

Payal Singh

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