
सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो के बाद MBBS छात्रा Sejal Pawar विवादों में आ गई हैं। वीडियो में उन्होंने मेडिकल कॉलेजों में शवों (Cadavers) और देहदान करने वाले लोगों को लेकर छात्रों के बीच होने वाले कथित मजाक का जिक्र किया था। वीडियो वायरल होने के बाद कई लोगों ने इसे मृतकों और देहदानकर्ताओं के प्रति असम्मानजनक बताया। छात्र संगठन All India Students' Association (AISA) ने भी इस पर आपत्ति जताई और कहा कि चिकित्सा शिक्षा में उपयोग होने वाले शवों के प्रति सम्मान बनाए रखना बेहद जरूरी है।
सेजल पवार ने मांगी माफी
विवाद बढ़ने के बाद सेजल पवार ने एक वीडियो जारी कर अपनी टिप्पणी को गलती बताते हुए माफी मांगी। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था।
KEM अस्पताल ने क्या कहा?
KEM Hospital के डीन ने कहा कि उन्हें अपने छात्र से जुड़ा वीडियो मिला है, जिसमें शवों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां दिखाई दे रही हैं।
डीन के अनुसार:
मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय समिति बनाई गई है।
शवदान करने वाले लोगों के प्रति सम्मान मेडिकल शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
जांच रिपोर्ट मिलने के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।
एफआईआर और जांच
रिपोर्ट्स के अनुसार, महाराष्ट्र साइबर विभाग ने विवाद की जांच शुरू की है। कुछ मीडिया रिपोर्टों में Pranit More, Himanshu Jangra और सेजल पवार के खिलाफ शिकायत या एफआईआर दर्ज होने का दावा किया गया है। हालांकि ऐसे मामलों में अंतिम कानूनी स्थिति की पुष्टि जांच एजेंसियों की आधिकारिक जानकारी से ही होगी।
क्यों है मामला संवेदनशील?
मेडिकल कॉलेजों में पढ़ाई और प्रशिक्षण के लिए कई लोग अपनी मृत्यु के बाद देहदान करते हैं। चिकित्सा शिक्षा में इन शवों का महत्वपूर्ण योगदान माना जाता है। इसी वजह से उनसे जुड़ी किसी भी टिप्पणी को लेकर मेडिकल समुदाय और समाज में संवेदनशीलता रहती है।







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