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धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक आंदोलन जारी रहेगा: अभिजीत दिपके ने जंतर-मंतर प्रदर्शन बढ़ाने की मांग की, दिल्ली पुलिस ने अनुमति नहीं दी

CJP संस्थापक अभिजीत दिपके ने कहा कि शिक्षा मंत्री के इस्तीफे तक आंदोलन नहीं रुकेगा; छात्रों से शाम 6 बजे तक जंतर-मंतर पहुंचने की अपील की।

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धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक आंदोलन जारी रहेगा: अभिजीत दिपके ने जंतर-मंतर प्रदर्शन बढ़ाने की मांग की, दिल्ली पुलिस ने अनुमति नहीं दी

खबर के मुख्य बिंदु

  • Cockroach जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन बढ़ाने की अनुमति मांगी।
  • दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की अवधि बढ़ाने की अनुमति देने से इनकार कर दिया।
  • दिपके ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक आंदोलन जारी रहेगा।
  • उन्होंने छात्रों और युवाओं से शाम 6 बजे तक जंतर-मंतर पहुंचने की अपील की।
  • आंदोलन का केंद्र पेपर लीक, भर्ती अनियमितताएं, परीक्षा रद्द होने और शिक्षा तंत्र में जवाबदेही की मांग है।
  • दिपके ने कहा कि यह विरोध केवल एक परीक्षा विवाद नहीं, बल्कि पूरे परीक्षा और भर्ती ढांचे में पारदर्शिता की मांग है।
  • प्रदर्शन में छात्र, नौकरी के इच्छुक उम्मीदवार और बेरोजगार युवा शामिल हो रहे हैं।
  • आयोजकों ने स्पष्ट किया कि आंदोलन शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से जारी रहेगा।
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Quick Summary

दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे CJP के विरोध प्रदर्शन ने अब अधिक राजनीतिक और राष्ट्रीय स्वरूप ले लिया है। CJP संस्थापक अभिजीत दिपके ने साफ कर दिया है कि उनका आंदोलन तब तक नहीं रुकेगा, जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते। यह प्रदर्शन केवल किसी एक परीक्षा या भर्ती विवाद तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं के बीच बढ़ते असंतोष, पेपर लीक, भर्ती में गड़बड़ियों और परीक्षा व्यवस्था में गिरते भरोसे का प्रतीक बन गया है। दिल्ली पुलिस द्वारा प्रदर्शन बढ़ाने की अनुमति न दिए जाने के बावजूद दिपके ने आंदोलन को जारी रखने का संकेत दिया है। इस पूरे घटनाक्रम ने शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही और परीक्षा तंत्र की विश्वसनीयता पर राष्ट्रीय बहस को और तेज कर दिया है।

दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच Cockroach जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने साफ शब्दों में कहा है कि उनका आंदोलन तब तक समाप्त नहीं होगा, जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं दे देते। दिपके ने प्रदर्शन को आगे बढ़ाने के लिए अधिकारियों से अनुमति मांगी थी, लेकिन दिल्ली पुलिस ने इसकी मंजूरी देने से इनकार कर दिया। इसके बावजूद CJP ने संकेत दिया है कि वह आंदोलन को और तेज करने की रणनीति पर काम कर रही है।

छात्रों से शाम 6 बजे तक जंतर-मंतर पहुंचने की अपील
अभिजीत दिपके ने देशभर के छात्रों, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं और नौकरी के इच्छुक उम्मीदवारों से शाम 6 बजे तक जंतर-मंतर पहुंचने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह केवल एक संगठन का आंदोलन नहीं, बल्कि उन लाखों युवाओं की आवाज है, जिनका भविष्य पेपर लीक, भर्ती घोटालों, परीक्षा रद्द होने और प्रशासनिक विफलताओं से प्रभावित हुआ है।

‘प्रधान के इस्तीफे तक नहीं हटेंगे’
दिपके ने स्पष्ट कहा कि आंदोलन की सबसे बड़ी मांग धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा है। उनके अनुसार, बार-बार सामने आ रहे परीक्षा और भर्ती विवादों ने शिक्षा एवं भर्ती संस्थानों पर से छात्रों का भरोसा कमजोर किया है।
उन्होंने कहा कि अगर सरकार सच में छात्रों के भविष्य को लेकर गंभीर है, तो उसे जवाबदेही तय करनी होगी और इसके लिए शिक्षा मंत्री का पद छोड़ना जरूरी है।

आंदोलन केवल एक परीक्षा विवाद तक सीमित नहीं
दिपके ने कहा कि यह प्रदर्शन किसी एक परीक्षा या भर्ती विवाद का विरोध नहीं है, बल्कि पूरे शिक्षा और भर्ती तंत्र में पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही की मांग है। उन्होंने कहा कि देशभर के युवा सालों तक मेहनत करके परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, लेकिन बार-बार होने वाली गड़बड़ियां, पेपर लीक और भर्ती में अनियमितताएं उनकी मेहनत और भविष्य दोनों पर चोट करती हैं।

जंतर-मंतर पर बढ़ रही भीड़
प्रदर्शन स्थल पर बड़ी संख्या में छात्र, बेरोजगार युवा और नौकरी के इच्छुक उम्मीदवार जुट रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर नारे लगाए और परीक्षा तंत्र में सुधार की मांग दोहराई। कई युवाओं ने कहा कि परीक्षाओं में देरी, रद्दीकरण और अनियमितताओं ने उनकी पढ़ाई, करियर और मानसिक स्थिति पर गहरा असर डाला है।

पुलिस ने अनुमति नहीं दी, फिर भी आंदोलन तेज करने की तैयारी
आयोजकों ने जंतर-मंतर पर लंबे समय तक प्रदर्शन जारी रखने के लिए अनुमति मांगी थी, लेकिन दिल्ली पुलिस ने इसे मंजूरी नहीं दी। इसके बावजूद दिपके ने कहा कि आंदोलन शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से जारी रहेगा।
उन्होंने कहा कि इस विरोध का उद्देश्य केवल सरकार पर दबाव बनाना नहीं, बल्कि देश का ध्यान उन मुद्दों की ओर खींचना है जिन्हें लंबे समय से नजरअंदाज किया जा रहा है।

युवाओं के गुस्से का बड़ा प्रतीक बनता आंदोलन
CJP का यह आंदोलन अब एक व्यापक छात्र असंतोष का प्रतीक बनता जा रहा है। पेपर लीक, भर्ती विवाद और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर उठते सवालों के बीच यह प्रदर्शन सरकार के लिए एक बड़ा राजनीतिक और सामाजिक संदेश बनकर उभर रहा है।
दिपके और उनके समर्थकों का कहना है कि जब तक जवाबदेही तय नहीं होती, तब तक जंतर-मंतर की यह आवाज शांत नहीं होगी।

Payal Singh

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