भारत में न्यूयॉर्क से भी कम विदेशी पर्यटक, अजय बंगा बोले टूरिज्म में छिपी हैं लाखों नौकरियां
विश्व बैंक प्रमुख अजय बंगा ने कहा कि भारत के पास पहाड़, समुद्र, इतिहास, संस्कृति और खानपान जैसी हर वह ताकत है, जो उसे वैश्विक पर्यटन महाशक्ति बना सकती है फिर भी देश अपनी पूरी क्षमता का उपयोग नहीं कर पा रहा।

खबर के मुख्य बिंदु
- विश्व बैंक प्रमुख Ajay Banga ने कहा कि भारत को रोजगार सृजन पर ज्यादा आक्रामक तरीके से काम करना होगा।
- उनके मुताबिक पर्यटन और स्वास्थ्य सेवा ऐसे क्षेत्र हैं जिनमें लाखों नौकरियां पैदा करने की क्षमता है, लेकिन इनका पूरा इस्तेमाल नहीं हो रहा।
- बंगा ने कहा कि भारत में आने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्या अभी भी न्यूयॉर्क और पेरिस जैसे शहरों की तुलना में बहुत कम है।
- भारत के पास पहाड़, समुद्र तट, स्मारक, संस्कृति, खानपान और खरीदारी जैसे सभी आकर्षण मौजूद हैं, जो उसे पर्यटन महाशक्ति बना सकते हैं।
- उनका मानना है कि हर पर्यटक कई स्तरों पर रोजगार पैदा करता है जैसे होटल, ट्रांसपोर्ट, गाइड, रेस्तरां, हस्तशिल्प और स्थानीय कारोबार।
- बंगा ने हेल्थकेयर को भी बड़ा रोजगार क्षेत्र बताया, जहां नर्स, डायग्नोस्टिक टेक्नीशियन, मिडवाइफ और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की मांग बढ़ सकती है।
- उन्होंने कहा कि मैन्युफैक्चरिंग जरूरी है, लेकिन अकेले वही भारत की रोजगार चुनौती का समाधान नहीं कर सकती; सेवाओं की भूमिका भी उतनी ही अहम है।
Quick Summary
विश्व बैंक प्रमुख अजय बंगा का बयान सिर्फ पर्यटन की तारीफ नहीं, बल्कि भारत की रोजगार नीति के लिए एक सीधा संकेत है। उनका तर्क साफ है भारत के पास दुनिया के सबसे विविध पर्यटन संसाधन हैं, लेकिन यह क्षेत्र अभी भी अपनी क्षमता से बहुत कम योगदान दे रहा है। अगर भारत पर्यटन को केवल “घूमने-फिरने” का सेक्टर मानने के बजाय रोजगार इंजन के रूप में देखे, तो यह लाखों युवाओं को सीधे और परोक्ष रूप से काम दे सकता है। होटल, ट्रैवल, लोकल ट्रांसपोर्ट, होमस्टे, फूड, गाइड, हैंडीक्राफ्ट, वेलनेस और मेडिकल टूरिज्म ये सभी मिलकर रोजगार का बड़ा नेटवर्क बना सकते हैं। बंगा का संदेश यह भी है कि भारत को केवल फैक्ट्री आधारित रोजगार मॉडल पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। सेवा क्षेत्र खासकर पर्यटन और हेल्थकेयर भारत के लिए रोजगार का सबसे तेज़ और व्यापक रास्ता बन सकते हैं।





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