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Infosys Share Price: गिरावट के बीच CLSA का भरोसा बरकरार, शेयर के लिए दिया बड़ा टारगेट

आईटी सेक्टर में बिकवाली के बावजूद ग्लोबल ब्रोकरेज CLSA ने इंफोसिस पर ‘आउटपरफॉर्म’ रेटिंग बनाए रखी है और मौजूदा स्तर से 35% से अधिक तेजी की संभावना जताई है।

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Infosys Share Price: गिरावट के बीच CLSA का भरोसा बरकरार, शेयर के लिए दिया बड़ा टारगेट

खबर के मुख्य बिंदु

  • इंफोसिस के शेयरों में करीब 3% तक की गिरावट दर्ज की गई।
  • ग्लोबल ब्रोकरेज CLSA ने ‘Outperform’ रेटिंग बरकरार रखी।
  • CLSA ने शेयर के लिए ₹1,512 का टारगेट प्राइस दिया।
  • ब्रोकरेज के अनुसार मौजूदा स्तर से 35% से अधिक अपसाइड संभव है।
  • GenAI बाजार में इंफोसिस की मजबूत स्थिति को सकारात्मक कारक बताया गया।
  • 2030 तक GenAI से $300-400 बिलियन के अवसर का अनुमान।
  • AI आधारित सेवाओं और मॉडर्नाइजेशन प्रोजेक्ट्स से ग्रोथ की उम्मीद।
  • IT सेक्टर पर AI के प्रभाव और प्राइसिंग दबाव को लेकर चिंताएं भी बरकरार।
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Quick Summary

आईटी शेयरों में जारी कमजोरी के बावजूद इंफोसिस को लेकर कुछ ब्रोकरेज संस्थान सकारात्मक रुख बनाए हुए हैं। CLSA का मानना है कि कंपनी जेनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (GenAI) से जुड़े बड़े अवसरों का लाभ उठाने की अच्छी स्थिति में है। हालांकि, AI के कारण आईटी उद्योग के पारंपरिक बिजनेस मॉडल पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर बाजार में चिंता भी बनी हुई है।

आईटी सेक्टर में जारी बिकवाली के बीच Infosys के शेयरों में दबाव देखने को मिला। कारोबार के दौरान कंपनी का शेयर करीब 3 प्रतिशत तक गिर गया। हालांकि इस कमजोरी के बावजूद ग्लोबल ब्रोकरेज CLSA ने कंपनी पर अपना सकारात्मक दृष्टिकोण बरकरार रखा है।CLSA ने इंफोसिस के लिए ‘Outperform’ रेटिंग दोहराते हुए 1,512 रुपये प्रति शेयर का लक्ष्य मूल्य निर्धारित किया है। ब्रोकरेज का मानना है कि वर्तमान स्तरों से कंपनी के शेयरों में 35 प्रतिशत से अधिक की संभावित तेजी देखने को मिल सकती है।

ब्रोकरेज रिपोर्ट के अनुसार, इंफोसिस जेनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (GenAI) से जुड़े अवसरों का लाभ उठाने के लिए मजबूत स्थिति में है। अनुमान है कि वर्ष 2030 तक GenAI से जुड़ा बाजार 300 से 400 अरब डॉलर के अवसर पैदा कर सकता है, जिसमें कंपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। रिपोर्ट में कहा गया है कि AI एजेंट्स, टोकन ऑप्टिमाइजेशन और डिजिटल मॉडर्नाइजेशन से जुड़े प्रोजेक्ट्स आईटी कंपनियों के लिए नए अवसर लेकर आ सकते हैं। इससे पारंपरिक आईटी सेवाओं पर पड़ने वाले दबाव की भरपाई होने की संभावना है।

हालांकि, पूरे आईटी सेक्टर के सामने कुछ चुनौतियां भी बनी हुई हैं। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि AI तकनीक के बढ़ते उपयोग से पारंपरिक सेवाओं की कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है। इसके अलावा, उद्योग की भविष्य की विकास दर पर भी इसका असर पड़ सकता है।
इसी संदर्भ में कुछ अन्य विश्लेषकों ने संकेत दिया है कि AI आधारित बदलावों के कारण आने वाली कुछ तिमाहियों में आईटी उद्योग को नई प्रतिस्पर्धात्मक चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।

Disclaimer: यह समाचार केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।

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Payal Singh

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