सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में बड़ा खुलासा: हथियार सप्लाई करने के आरोप में शकील अंसारी उर्फ आदिल गिरफ्तार
राजस्थान पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गैंगस्टर शकील अंसारी उर्फ आदिल को गिरफ्तार किया है। उस पर सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में इस्तेमाल हथियारों की सप्लाई करने और कई गैंगों के लिए हथियार तस्करी नेटवर्क चलाने का आरोप है।
By Payal SinghPublished 22 Jun 2026, 02:52 PMUpdated 16 Jul 2026, 07:21 AM4 min read6 views
राजस्थान पुलिस ने शकील अंसारी उर्फ आदिल को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया।
आरोपी पर सिद्धू मूसेवाला हत्या में इस्तेमाल हथियारों की सप्लाई का आरोप है।
पूछताछ में विदेशी हथियारों की अवैध सप्लाई चेन से जुड़े खुलासे होने का दावा।
आरोपी के गोल्डी बराड़ और अन्य गैंग नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका।
पुलिस अब उसके सीमा पार हथियार तस्करी नेटवर्क और अन्य राज्यों में आपराधिक कनेक्शन की जांच कर रही है।
पहले भी इस केस में हथियार सप्लाई नेटवर्क को लेकर दिल्ली पुलिस और NIA जांच कर चुकी हैं।
None
Quick Summary
सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड सिर्फ एक हाई-प्रोफाइल मर्डर केस नहीं रहा, बल्कि समय के साथ यह अंतरराज्यीय गैंग नेटवर्क, विदेशी हथियारों की सप्लाई और संगठित अपराध की गहरी जड़ों से जुड़ा मामला बन गया है। शकील अंसारी उर्फ आदिल की गिरफ्तारी इसी बड़ी कड़ी का हिस्सा मानी जा रही है। हालांकि इस मामले में पहले भी कई आरोपियों, शूटरों और लॉजिस्टिक सपोर्ट देने वालों के नाम सामने आ चुके हैं, लेकिन हथियार सप्लाई चेन तक पहुंचना जांच के लिहाज से बेहद अहम है। यही वह हिस्सा है जो बताता है कि हत्या जैसी वारदात के पीछे सिर्फ शूटर नहीं, बल्कि पूरी आपराधिक सपोर्ट प्रणाली काम कर रही थी। यह भी ध्यान रखने वाली बात है कि सार्वजनिक डोमेन में कई तरह के दावे और नाम सामने आते रहे हैं, लेकिन अदालत में टिकने वाली स्थिति वही होगी जो पुलिस रिकॉर्ड, चार्जशीट और आधिकारिक जांच से पुष्ट हो।
पंजाबी गायक और कांग्रेस नेता सिद्धू मूसेवाला की 2022 में हुई हत्या के मामले में एक और बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। राजस्थान पुलिस ने गैंगस्टर शकील अंसारी उर्फ आदिल को गिरफ्तार किया है, जिस पर आरोप है कि उसने इस हत्याकांड में इस्तेमाल किए गए हथियारों की सप्लाई की थी। बताया जा रहा है कि आरोपी को श्रीगंगानगर पुलिस ने उस समय पकड़ा जब वह मोटरसाइकिल पर सवार होकर किसी स्थानीय कारोबारी पर फायरिंग की वारदात को अंजाम देने जा रहा था। पुलिस ने उसे रोकने की कोशिश की तो कथित तौर पर उसने पुलिस टीम पर गोली चला दी। इसके बाद हुई जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी और वह घायल हो गया। बाद में उसे हिरासत में लेकर अस्पताल पहुंचाया गया और अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया।
पुलिस का दावा: मूसेवाला केस से जुड़ी हथियार सप्लाई
पुलिस सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान शकील अंसारी ने यह स्वीकार किया कि वह संगठित गिरोहों को विदेशी हथियार उपलब्ध कराता था। जांच में यह दावा किया जा रहा है कि सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में इस्तेमाल कुछ हथियारों की आपूर्ति भी इसी नेटवर्क के जरिए हुई थी। रिपोर्टों के मुताबिक, जिन हथियारों के नाम सामने आए हैं उनमें ऑस्ट्रियाई ग्लॉक पिस्तौल, तुर्की जिगाना, AK-47 और AN-94 जैसे हथियार शामिल बताए जा रहे हैं। हालांकि किस हथियार का इस्तेमाल घटना में हुआ और किसकी भूमिका किस स्तर पर रही, इसका अंतिम निर्धारण जांच एजेंसियों और अदालत की प्रक्रिया से ही होगा।
कैसे हुआ था गिरफ्तारी तक पहुंचने वाला ऑपरेशन?
राजस्थान पुलिस के अनुसार, शकील की गतिविधियों पर कुछ समय से नजर रखी जा रही थी। जब सूचना मिली कि वह एक आपराधिक वारदात के लिए निकलने वाला है, तब पुलिस ने घेराबंदी की। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने आत्मसमर्पण करने के बजाय फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई की गई। घायल होने के बाद उसे काबू किया गया और उससे पूछताछ शुरू हुई। इसी पूछताछ में कथित तौर पर मूसेवाला हत्याकांड, गैंग नेटवर्क और हथियार सप्लाई से जुड़े कई सुराग सामने आए।
गोल्डी बराड़ और बड़े गैंग नेटवर्क से कनेक्शन की जांच
जांच एजेंसियों का मानना है कि शकील अंसारी सिर्फ एक स्थानीय अपराधी नहीं, बल्कि बड़े हथियार सप्लाई नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है। रिपोर्टों के मुताबिक, उसके संबंध गोल्डी बराड़, रोहित गोदारा और अन्य गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि वह किन-किन राज्यों में हथियार सप्लाई करता था, विदेशी हथियार भारत में कैसे पहुंचते थे, और किन अपराधों में उसका नेटवर्क पहले से शामिल रहा है। यह भी कहा जा रहा है कि पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान की एजेंसियां उससे पूछताछ में रुचि ले सकती हैं।
पहले भी सामने आया था हथियार सप्लाई नेटवर्क
मूसेवाला हत्याकांड की जांच के दौरान पहले भी हथियार सप्लाई नेटवर्क की चर्चा होती रही है। हाल के महीनों में दिल्ली पुलिस की कार्रवाई में भी ऐसे नेटवर्क का खुलासा हुआ था, जिसमें विदेशी हथियारों खासतौर पर जिगाना और ग्लॉक की सप्लाई का जिक्र सामने आया था। दिल्ली पुलिस ने अप्रैल 2026 में एक ऐसे नेटवर्क पर कार्रवाई की थी, जिसका संबंध मूसेवाला केस में इस्तेमाल हथियारों की सप्लाई से जोड़ा गया था। उस कार्रवाई में पुलिस ने दावा किया था कि विदेशी हथियारों की आपूर्ति करने वाला गिरोह कई गैंगस्टरों को हथियार उपलब्ध कराता था और उसका नेटवर्क भारत-नेपाल बॉर्डर, पंजाब और अन्य राज्यों तक फैला हुआ था।
सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड: अब तक की पृष्ठभूमि
सिद्धू मूसेवाला की 29 मई 2022 को पंजाब के मानसा जिले में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में लॉरेंस बिश्नोई-गोल्डी बराड़ गैंग का नाम सामने आया था। बाद में कई शूटर, लॉजिस्टिक सपोर्ट देने वाले आरोपी और साजिश से जुड़े संदिग्ध अलग-अलग राज्यों से पकड़े गए। पुलिस और SIT की जांच के अनुसार, यह हत्या एक संगठित साजिश के तहत अंजाम दी गई थी। इस केस में पहले से कई चार्जशीट दाखिल हो चुकी हैं, लेकिन अब भी कुछ आरोपियों की भूमिका और सप्लाई नेटवर्क की पूरी तस्वीर सामने आना बाकी है।
अब आगे क्या?
शकील अंसारी की गिरफ्तारी के बाद जांच का फोकस अब तीन बड़े सवालों पर होगा:
1. क्या उसने सचमुच मूसेवाला हत्याकांड में इस्तेमाल हथियारों की सप्लाई की थी?
2. उसका नेटवर्क किन गैंगस्टरों और किन राज्यों तक फैला हुआ था?
3. क्या विदेशी हथियारों की तस्करी का कोई बड़ा अंतरराष्ट्रीय या सीमा-पार रूट इसमें शामिल है?
यदि पूछताछ और तकनीकी साक्ष्य इन दावों की पुष्टि करते हैं, तो यह गिरफ्तारी सिर्फ एक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं, बल्कि मूसेवाला हत्याकांड की सप्लाई चेन तक पहुंचने वाला अहम मोड़ साबित हो सकती है।
Comments