बिहार की एक अदालत ने शनिवार को चर्चित शिक्षक फैसल खान, जिन्हें लोकप्रिय रूप से खान सर के नाम से जाना जाता है, को उनके खिलाफ दर्ज एक मामले में अंतरिम राहत प्रदान की। अदालत ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए अपने पहले के आदेश को दोहराया और स्पष्ट किया कि अगली सुनवाई तक उनके खिलाफ कोई भी दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए। अदालत ने पुलिस को निर्देश दिया कि अगली सुनवाई तक खान सर के खिलाफ किसी प्रकार की कठोर या दंडात्मक कार्रवाई से बचा जाए। इससे फिलहाल खान सर को कानूनी राहत मिली है, जबकि उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर अंतिम फैसला अभी बाकी है।
25 जून को होगी अंतिम बहस
खान सर की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता अरविंद कुमार मावर ने बताया कि शनिवार को हुई सुनवाई के दौरान पुलिस ने अदालत द्वारा मांगी गई केस डायरी पेश कर दी, जिसे समीक्षा के लिए लोक अभियोजक को सौंपा गया। उन्होंने बताया कि यह डायरी 23 जून को वापस की जाएगी और 25 जून को मामले में अंतिम बहस होगी। वकील के अनुसार, हिरासत और जमानत से जुड़े अन्य संबंधित मामलों की सुनवाई भी 25 जून तक बढ़ा दी गई है। चूंकि सभी मामले आपस में जुड़े हुए बताए जा रहे हैं, इसलिए अन्य आरोपियों और सुरक्षाकर्मियों से जुड़े जमानत मामलों की सुनवाई भी उसी दिन हो सकती है।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला ज्ञान बिंदु जीएस अकादमी के निदेशक रोशन आनंद द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के बाद सामने आया। रोशन आनंद ने कदमकुआं पुलिस स्टेशन में शिकायत देकर फैसल खान के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। शिकायत में नेपाल के एक होटल में उनके भाई प्रिंस यादव की मौत और ब्यूर केंद्रीय जेल में उनके साथ हुए कथित हमले का जिक्र किया गया है। बताया गया कि इस शिकायत से पहले रोशन आनंद अपने वकील के साथ थाने पहुंचे थे और करीब दो घंटे तक वहां रहे, जबकि उनके समर्थक बाहर जमा रहे।
कोचिंग सेंटर हिंसा से भी जुड़ा मामला
यह मामला 2 जून को खान ग्लोबल स्टडीज में हुई कथित हिंसा की घटना के बाद और ज्यादा चर्चाओं में आया। इस मामले में कोचिंग सेंटर परिसर में हंगामे और सुरक्षाकर्मियों पर कथित हमले के आरोप भी सामने आए थे। रोशन आनंद को इस मामले में पहले ही जमानत मिल चुकी है, जबकि उनके भाई अभिषेक और सहयोगी गौरव अभी न्यायिक हिरासत में हैं। उनकी जमानत याचिकाएं निचली अदालत पहले ही खारिज कर चुकी है।
25 जून की सुनवाई पर टिकी निगाहें
अब इस पूरे मामले में अगली बड़ी कानूनी तारीख 25 जून होगी, जब अदालत खान सर की अग्रिमजमानत याचिका पर अंतिम बहस सुनेगी। तब तक अदालत के आदेश के मुताबिक, पुलिस उनके खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं करेगी। यह मामला शिक्षा जगत, कोचिंग संस्थानों की प्रतिद्वंद्विता, हिंसा और आपराधिक आरोपों के कारण लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। ऐसे में 25 जून की सुनवाई को इस केस का अहम मोड़ माना जा रहा है।




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