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महाराष्ट्र के परभणी में मंदिर का सभा मंडप ढहा, 5 श्रद्धालुओं की मौत; कई घायल, राहत-बचाव जारी

परभणी जिले के मानवत तालुका स्थित यशवाड़ी हनुमान मंदिर में शनिवार को निर्माणाधीन सभा मंडप की छत गिरने से बड़ा हादसा हो गया। कई श्रद्धालु मलबे में दब गए, जबकि 5 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।

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महाराष्ट्र के परभणी में मंदिर का सभा मंडप ढहा, 5 श्रद्धालुओं की मौत; कई घायल, राहत-बचाव जारी

खबर के मुख्य बिंदु

  • महाराष्ट्र के परभणी जिले में मंदिर हादसे में 5 श्रद्धालुओं की मौत हुई।
  • हादसा मानवत तालुका के यशवाड़ी स्थित हनुमान मंदिर में हुआ।
  • निर्माणाधीन/मरम्मताधीन सभा मंडप की छत अचानक गिर गई।
  • शुरुआती रिपोर्टों में 30 से 40 श्रद्धालुओं के दबने की आशंका जताई गई थी।
  • अब तक कम से कम 17 लोग घायल बताए जा रहे हैं।
  • पुलिस, दमकलकर्मी, स्थानीय प्रशासन और ग्रामीणों ने मिलकर राहत-बचाव अभियान चलाया।
  • घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
  • हादसे के कारणों की जांच की जा रही है; निर्माण गुणवत्ता और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे हैं।
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Quick Summary

महाराष्ट्र के परभणी जिले में शनिवार को एक बड़ा धार्मिक हादसा हो गया, जब यशवाड़ी स्थित हनुमान मंदिर के सभा मंडप की छत अचानक ढह गई। घटना के समय मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। हादसे में 5 लोगों की मौत और कई लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई है। शुरुआती रिपोर्टों में 30 से 40 लोगों के मलबे में दबने की आशंका जताई गई थी, जिसके बाद प्रशासन ने बड़े स्तर पर राहत और बचाव अभियान शुरू किया। यह मामला केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि धार्मिक स्थलों पर निर्माण और सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल भी खड़ा करता है। अगर मंडप निर्माणाधीन या मरम्मताधीन था, तो वहां श्रद्धालुओं की मौजूदगी कैसे जारी रही यह जांच का अहम विषय बन सकता है।

महाराष्ट्र के परभणी जिले में शनिवार को एक बड़ा हादसा हो गया, जब मानवत तालुका के यशवाड़ी स्थित हनुमान मंदिर का सभा मंडप अचानक ढह गया। हादसे में 5 श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। घटना के बाद मंदिर परिसर में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय प्रशासन ने तुरंत राहत-बचाव अभियान शुरू किया। 

निर्माणाधीन सभा मंडप की छत अचानक गिरी
रिपोर्ट्स के मुताबिक, मंदिर परिसर में मौजूद सभा मंडप का हिस्सा, जो निर्माणाधीन या मरम्मताधीन बताया जा रहा है, अचानक भरभराकर गिर पड़ा। उस समय वहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। शुरुआती जानकारी में 30 से 40 लोगों के दबने की आशंका जताई गई थी। बाद में कई लोगों को बाहर निकाला गया और घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। 

5 की मौत, 17 से अधिक घायल
अब तक सामने आई जानकारी के अनुसार, इस हादसे में 5 लोगों की मौत हुई है और कम से कम 17 लोग घायल हुए हैं। कुछ स्थानीय रिपोर्टों में घायलों की संख्या इससे अधिक भी बताई गई है। घायलों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। 

ग्रामीणों और प्रशासन ने मिलकर चलाया बचाव अभियान
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीण, मंदिर से जुड़े लोग, पुलिस, दमकल विभाग और जिला प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। मलबा हटाकर श्रद्धालुओं को निकालने का काम शुरू किया गया। कई एम्बुलेंस भी मौके पर तैनात की गईं ताकि घायलों को जल्द अस्पताल पहुंचाया जा सके। 

हादसे के कारणों की जांच होगी
फिलहाल हादसे की सटीक वजह स्पष्ट नहीं है, लेकिन शुरुआती रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि निर्माणाधीन या कमजोर संरचना इस दुर्घटना का कारण हो सकती है। अब इस बात की जांच की जाएगी कि मंडप की स्थिति क्या थी, निर्माण कार्य किस स्तर पर था और सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं। 

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना ने मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर चल रहे निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि मंडप की मरम्मत या निर्माण कार्य जारी था, तो वहां श्रद्धालुओं की आवाजाही और कार्यक्रमों की अनुमति कैसे दी गई—यह भी जांच का बड़ा विषय बन सकता है।

Payal Singh

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