भारतीय रेलवे यात्रियों के लिए ऑनलाइन टिकट बुकिंग को पहले से अधिक तेज और सुविधाजनक बनाने की तैयारी कर रहा है। रेलवे मंत्रालय जल्द ही "IRCTC" (https://reference-url-citation.invalid/0) वेबसाइट का नया वर्जन लॉन्च करने वाला है। रेल मंत्री Ashwini Vaishnaw ने पिछले महीने जयपुर स्थित मालवीय राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान के छात्रों से बातचीत के दौरान नई वेबसाइट को जुलाई में लॉन्च करने की जानकारी दी थी। अब IRCTC और सेंटर फॉर रेलवे इंफॉर्मेशन सिस्टम्स के अधिकारियों ने MNIT के छात्रों के सामने नई वेबसाइट का बीटा वर्जन पेश किया है। छात्रों से वेबसाइट के डिजाइन, फीचर्स और यूजर एक्सपीरियंस को लेकर सुझाव भी लिए गए हैं, ताकि आधिकारिक लॉन्च से पहले जरूरी सुधार किए जा सकें।
PRS सिस्टम से जुड़ेगी नई वेबसाइट
रेलवे के अनुसार, IRCTC वेबसाइट के नए वर्जन को भारतीय रेलवे के पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम यानी PRS इंजन के साथ जोड़ा जा रहा है। PRS सिस्टम को भी आधुनिक तकनीक के आधार पर अपग्रेड किया जा रहा है। रेलवे का कहना है कि पूरी तरह तैयार और सभी सुविधाओं से लैस नई वेबसाइट अगले कुछ महीनों में यात्रियों के लिए उपलब्ध कराई जा सकती है।
टिकट बुकिंग क्षमता में बड़ा बदलाव
नई IRCTC वेबसाइट की सबसे बड़ी खासियत इसकी बढ़ी हुई क्षमता होगी। मौजूदा 32 हजार टिकट प्रति मिनट की तुलना में नया सिस्टम करीब 1.5 लाख टिकट प्रति मिनट बुक करने में सक्षम होगा। इसके अलावा PNR और ट्रेन पूछताछ की क्षमता को भी 4 लाख से बढ़ाकर 40 लाख से अधिक पूछताछ प्रति मिनट तक ले जाने की तैयारी है।
सीट चुनने और किराया तुलना की सुविधा
नई वेबसाइट में यात्रियों को टिकट बुकिंग के दौरान अपनी पसंद की सीट या बर्थ चुनने का विकल्प मिल सकता है। साथ ही अलग-अलग तारीखों के किराए की जानकारी देखकर यात्री कीमतों की तुलना भी कर सकेंगे। वेबसाइट का इंटरफेस पहले से अधिक साफ और आसान होगा। गैर-जरूरी कैप्चा, पॉप-अप और भारी ग्राफिक्स को कम करने की योजना है, जिससे खासकर तत्काल टिकट बुकिंग के दौरान वेबसाइट तेजी से काम कर सके।
RailOne ऐप पर भी मिलेंगे फीचर्स
रेलवे की योजना नई वेबसाइट के अपग्रेडेड फीचर्स को RailOne ऐप पर भी उपलब्ध कराने की है। मल्टीलैंग्वेज इंटरफेस के साथ दिव्यांगजनों, छात्रों और मरीजों से जुड़ी सुविधाओं को एक ही प्लेटफॉर्म पर लाने की तैयारी की जा रही है। रेलवे के अनुसार, नए सिस्टम को मौजूदा प्लेटफॉर्म की तुलना में करीब 10 गुना अधिक ट्रैफिक संभालने के लिए डिजाइन किया गया है। भारतीय रेलवे ने वर्ष 2002 में ऑनलाइन टिकट बुकिंग सेवा शुरू की थी। वर्तमान में ट्रेन टिकटों की कुल मांग का बड़ा हिस्सा ऑनलाइन माध्यम से पूरा किया जाता है। अब नए PRS इंजन और IRCTC वेबसाइट के अपग्रेड से रेलवे की डिजिटल टिकटिंग व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।




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