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हरिद्वार में 5,211 किलो के विश्व के सबसे विशाल पारद शिवलिंग की प्राण प्रतिष्ठा, तीन दिवसीय समारोह संपन्न
श्री साई शिव गंगा धाम में आयोजित भव्य प्राण प्रतिष्ठा समारोह में देशभर से 2,000 से अधिक श्रद्धालु, संत और आध्यात्मिक साधक शामिल हुए।

खबर के मुख्य बिंदु
- हरिद्वार के श्री साई शिव गंगा धाम में 5,211 किलोग्राम वजनी विश्व के सबसे बड़े पारद शिवलिंग की प्राण प्रतिष्ठा हुई।
- यह तीन दिवसीय भव्य समारोह वैदिक मंत्रोच्चार, यज्ञ, ध्यान सत्र और आध्यात्मिक प्रवचनों के साथ संपन्न हुआ।
- समारोह में देशभर से 2,000 से अधिक श्रद्धालु, संत, आध्यात्मिक साधक और अतिथि शामिल हुए।
- इस पारद शिवलिंग का निर्माण ध्यान गुरु रघुनाथ गुरुजी ने लगभग एक दशक की साधना, शोध और पारद विज्ञान के अध्ययन के बाद कराया।
- आयोजकों के अनुसार, शिवलिंग का निर्माण पारा, चांदी, सोना और 108 जड़ी-बूटियों के अर्क से किया गया है।
- कार्यक्रम का उद्देश्य विश्व शांति, मानव कल्याण और सकारात्मक ऊर्जा का प्रसार बताया गया।
- समारोह में कई प्रमुख संत, आध्यात्मिक गुरु और गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया।
Quick Summary
हरिद्वार के श्री साई शिव गंगा धाम में विश्व के सबसे विशाल 5,211 किलोग्राम वजनी पारद शिवलिंग की प्राण प्रतिष्ठा एक भव्य धार्मिक आयोजन के रूप में संपन्न हुई। तीन दिनों तक चले इस समारोह में देशभर से हजारों श्रद्धालु, संत और आध्यात्मिक साधक शामिल हुए। आयोजन में वैदिक अनुष्ठान, यज्ञ, ध्यान और प्रवचन के माध्यम से आध्यात्मिक चेतना, शांति और मानव कल्याण का संदेश दिया गया। इस आयोजन का सबसे खास पहलू यह रहा कि पारद शिवलिंग को केवल धार्मिक प्रतीक नहीं, बल्कि ध्यान, आत्मचिंतन और सकारात्मक ऊर्जा के केंद्र के रूप में प्रस्तुत किया गया। आयोजकों के मुताबिक, यह शिवलिंग प्राचीन आध्यात्मिक परंपरा और धातु विज्ञान के ज्ञान का संगम है।


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