रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हैदराबाद में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पाकिस्तान को आतंकवाद के मुद्दे पर सख्त चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि भारत यह सुनिश्चित करेगा कि सिंधु नदी का पानी उन लोगों तक न पहुंचे जो आतंकवाद को बढ़ावा देते हैं या आतंकियों को संरक्षण देते हैं।
सिंधु जल संधि पर क्या कहा?
राजनाथ सिंह ने कहा कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने सिंधु जल संधि को निलंबित करके साफ संदेश दिया है कि आतंकवाद और बातचीत एक साथ नहीं चल सकते। उन्होंने कहा कि जो लोग मानवता के दुश्मनों को समर्थन देते हैं, उन्हें भारत से किसी तरह की सहायता की उम्मीद नहीं करनी चाहिए।
ऑपरेशन सिंदूर का भी किया जिक्र
रक्षा मंत्री ने कहा कि हालिया ऑपरेशन सिंदूर ने दिखा दिया है कि भारत अपनी सुरक्षा के खिलाफ किसी भी हमले का जवाब देना जानता है। उन्होंने कहा कि भारत शांति का समर्थक है, लेकिन जरूरत पड़ने पर अपनी ताकत दिखाने में भी सक्षम है।
रक्षा क्षेत्र में बढ़ती ताकत
राजनाथ सिंह ने बताया कि भारत का रक्षा उत्पादन लगातार बढ़ रहा है और यह लगभग 1.5 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय रक्षा उपकरण अब करीब 100 देशों तक निर्यात किए जा रहे हैं और रक्षा निर्यात का आंकड़ा लगभग 39,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
कश्मीर और विकास पर क्या बोले?
उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर में पर्यटन, निवेश और रोजगार के अवसर बढ़े हैं। साथ ही उन्होंने दावा किया कि आज श्रीनगर के लाल चौक पर तिरंगा पूरी शान से लहरा रहा है और क्षेत्र में विकास की गति तेज हुई है।
सरकार की प्राथमिकता क्या है?
राजनाथ सिंह ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल चुनाव जीतना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और मजबूत भारत बनाना है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राष्ट्रीय बजट का उपयोग देश की सुरक्षा और विकास को मजबूत करने के लिए किया जा रहा है।




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